अब्राहम की सेना
यह सुनकर कि उसका भतीजा बन्दी बना लिया गया है, अब्राम ने अपने तीन सौ अठारह शिक्षित, युद्ध कौशल में निपुण दासों को लेकर जो उसके कुटुम्ब में उत्पन्न हुए थे, अस्त्र-शस्त्र धारण करके दान तक उनका पीछा किया; और रात को अपने दासों के अलग-अलग दल बाँधकर उन पर चढ़ाई करके उनको मार लिया और होबा तक, जो दमिश्क के उत्तर की ओर है, उनका पीछा किया। और वह सारे धन को, और अपने भतीजे लूत और उसके धन को, और स्त्रियों को, और सब बन्दियों को लौटा ले आया। उत्पती 14:14-16
यह घटना ई. स. पू 2000 के आसपास की घटना है। जब शत्रुओ ने (शिनार के राजा अम्रापेल, और एल्लासार के राजा अर्योक, और एलाम के राजा कदोर्लाओमेर, और गोयीम के राजा तिदाल) सदोम और अमोरा और आसपास के जगहो पर हमला कर उन्हे बंदि बना लिया। उन में लुत भी था।
अब्राहम ने तुरंत जवाबी कारवाही की। हम पाते है की अब्राहम के पास 318 लोगो की प्रशिक्षित सेना थी। साथ ही हम पाते है वे दल बनाकर, योजनापूर्वक लढे, चार राजाओ के विरुध्द लढकर विजय भी हासिल की और बंदियो को छुडा कर ले आए। और उन्हे लुट में बडी संपत्ती भी मिली।

टैबलेट्स के द्वारा हमें पता चलता है की ऊर में तिसरे राजवंश के द्वारा इन निजी सेना का परिक्षण किया गया था। उस टैबलैट पर सभी व्यापारीयो के सेना और उनकी गिनती को लिखा हुआ है।
जो हमें अब्राहम के समय के ओर निर्देशित करता है।
Credit: Evidence for Truth Vol II (Dr E. K. Victor Pearce)
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