क्या परमेश्वर का पुत्र हो सकता है? - इस्लामिक आपत्तियों के ज़बाब

क्या परमेश्वर का पुत्र हो सकता है?

क्या परमेश्वर का पुत्र हो सकता है?

❓ इस्लामिक आपत्ति:

"अल्लाह का पुत्र कैसे हो सकता है, जबकि उसकी कोई बीवी नहीं है?"

क़ुरान: “वह स्वर्गों और पृथ्वी का उत्पत्तिकर्ता है। उसका पुत्र कैसे हो सकता है जबकि उसकी कोई संगिनी नहीं है?” (सूरह अल-अन'आम 6:101)

➡️ यह तर्क कहता है: परमेश्वर की कोई संतान नहीं हो सकती, क्योंकि संतान के लिए किसी न किसी स्त्री के साथ शारीरिक संबंध की आवश्यकता होती है।

✅ मसीही उत्तर:

1. परमेश्वर का पुत्र होना जैविक नहीं, आत्मिक और शाश्वत है।

मसीही विश्वास में “परमेश्वर का पुत्र” का अर्थ कोई जैविक संतान नहीं, बल्कि दिव्य और आत्मिक सम्बन्ध है।

“प्रारम्भ में वचन था, वचन परमेश्वर के साथ था और वचन ही परमेश्वर था... और वचन देहधारी हुआ और हमारे बीच निवास करने लगा।” (यूहन्ना 1:1, 14)

2. यदि परमेश्वर कुँवारी मरियम को पुत्र दे सकता है, तो स्वयं क्यों नहीं?

मुस्लिम विश्वास में माना जाता है कि मरियम ने बिना किसी पुरुष के ईसा मसीह को जन्म दिया।

“उसने कहा, ‘यह कैसे होगा जब मैं पुरुष को नहीं जानती?’ और स्वर्गदूत ने कहा, ‘पवित्र आत्मा तुझ पर आएगा, और परमप्रधान की सामर्थ्य तुझ पर छाया करेगी।’” (लूका 1:34-35)

❗ यदि यह परमेश्वर के लिए संभव है कि बिना यौन संबंध के मरियम को पुत्र दे, तो स्वयं एक आत्मिक संतान क्यों नहीं?

3. मसीही “पुत्रत्व” का अर्थ है— परमेश्वर की प्रकृति और एकत्व।

  • यीशु मसीह परमेश्वर से उत्पन्न हैं, सृजित नहीं।
  • वे परमेश्वर की महिमा और स्वरूप का सटीक प्रतिबिंब हैं।
  • वे परमेश्वर के साथ एक हैं।
“मैं और पिता एक हैं।” (यूहन्ना 10:30)
“जो मुझे देखता है, वह पिता को देखता है।” (यूहन्ना 14:9)

🔄 संक्षिप्त तुलना:

विषय इस्लामी दृष्टिकोण मसीही उत्तर
पुत्र कैसे? बिना पत्नी के पुत्र असंभव परमेश्वर आत्मिक रूप से संतान रख सकता है
क़ुरान की आपत्ति “कोई संगिनी नहीं” परमेश्वर सृष्टिकर्ता है, उसे जैविक प्रक्रिया की ज़रूरत नहीं
ईसा का जन्म कुँवारी मरियम से हुआ उसी तरह परमेश्वर से पुत्र होना संभव
“पुत्र” का अर्थ जैविक संतान आत्मिक, शाश्वत, दिव्य संबंध

🔚 निष्कर्ष:

परमेश्वर की सामर्थ्य सीमित नहीं है। यदि वह कुँवारी मरियम को बिना पुरुष के पुत्र दे सकता है, तो वह आत्मिक रूप से अपनी संतान क्यों नहीं रख सकता?

“पुत्र” शब्द जैविक नहीं, बल्कि एक दिव्य रहस्य है — जो परमेश्वर और मसीह के शाश्वत संबंध को प्रकट करता है।

क्रेडिट: यह लेख अपोलॉजिस्ट डेविड वुड के वीडियो से अनुवाद किया गया है

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